
"नौतनवा: PNC की लापरवाही से 50 घरों के लोग घरों में कैद, बारिश ने सड़क निर्माण की खामियों को किया उजागर"
- By UP Samachaar Plus --
- Saturday 28 Sep, 2024
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नौतनवा, महराजगंज, 28 सितम्बर। बीते दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने PNC Infratech द्वारा कराए जा रहे सड़क और ओवर ब्रिज निर्माण में भारी लापरवाही की पोल खोल दी है। नौतनवा के बनैलिया माता मंदिर चौराहे पर हो रहे ओवर ब्रिज निर्माण में बिना सर्विस लेन बनाए ही काम शुरू कर दिया गया है, जिससे इलाके के करीब 50 घरों के लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं। यह स्थिति न केवल असुविधाजनक है, बल्कि गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का एक उदाहरण भी है।
निर्माण कार्य में लापरवाही
ओवर ब्रिज के निर्माण का कार्य पिछले एक सप्ताह से जारी है, लेकिन पीएनसी ने इसके साथ ही सर्विस लेन बनाने की कोई व्यवस्था नहीं की। खासतौर से बनैलिया माता मंदिर के दक्षिणी हिस्से के लगभग 50 घरों के निवासियों के लिए, जो कॉलोनी से निकलकर बाईपास सड़क तक पहुंचते थे, अब कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं है। जब इस निर्माण के दौरान कॉलोनी की इंटरलॉकिंग सड़क पर मिट्टी गिरा दी गई, तो रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया। निवासियों ने जब इस पर आपत्ति जताई, तब भी पीएनसी के कर्मचारियों ने इसे नजरअंदाज कर दिया।
बारिश के कारण रास्ता अब कीचड़ से भर गया है, जिससे 50 परिवारों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है। यहां तक कि शुक्रवार को दूध, पानी, और सब्जी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी लोगों तक नहीं पहुंच पाईं, और वे घरों में कैद हो गए।
जिम्मेदार कौन ?
इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन और पीएनसी के कामकाज पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिना सर्विस लेन बनाए निर्माण कार्य शुरू करना न केवल तकनीकी मानकों के विपरीत है, बल्कि लोगों की सुरक्षा और सुविधा के साथ भी खिलवाड़ है। यह जानना जरूरी है कि पीएनसी के अधिकारी इस परियोजना को बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए कैसे जारी रख सकते हैं, जबकि यह स्पष्ट था कि इससे आम जनता को भारी दिक्कतें होंगी।
लोगों के विरोध और शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई न करना इस ओर इशारा करता है कि प्रशासनिक अधिकारियों और पीएसी के बीच आपसी समन्वय की कमी है। आखिरकार, इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है, जो अब घरों में बंद होकर सिर्फ उच्चाधिकारियों और पीएसी कर्मचारियों को कोसने पर मजबूर हैं।
यह स्थिति गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का प्रमाण है, और अब स्थानीय प्रशासन को अविलंब कार्रवाई करनी चाहिए। पीएनसी के कर्मचारियों और अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए और परियोजना को फिर से व्यवस्थित ढंग से शुरू किया जाना चाहिए ताकि लोगों को असुविधा न हो। इसके अलावा, वैकल्पिक रास्ते और बुनियादी सेवाओं की तत्काल व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि लोगों को और परेशानियों का सामना न करना पड़े।
यह घटना केवल नौतनवा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देशभर में हो रहे विकास कार्यों में लापरवाही का एक उदाहरण है। यदि अब भी जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई नहीं करते हैं, तो आने वाले समय में जनता का प्रशासन पर विश्वास और कमजोर हो जाएगा।