जल जीवन मिशन परियोजनाओं की समीक्षा में जिलाधिकारी नाराज , बोले शिथिलता बर्दाश्त नहीं, कार्यदायी संस्थाओं पर पेनाल्टी लगाने की दी चेतावनी
- By UP Samachaar Plus --
- Wednesday 13 Nov, 2024
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मुख्य संपादक - ओंकार नाथ वर्मा
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महराजगंज, 13 नवम्बर। जिलाधिकारी अनुनय झा ने कलेक्ट्रेट सभागार में जल जीवन मिशन के तहत संचालित निर्माण परियोजनाओं की गहन समीक्षा की। बैठक में जल निगम के अधिशासी अभियंता ने फेज-II और फेज-III के तहत चल रही परियोजनाओं की जानकारी दी।
अधिशासी अभियंता जल निगम ने बताया कि फेज-II में 341 परियोजनाएं हैं, जिनके तहत 446 ग्राम पंचायतें आच्छादित हैं। वहीं, फेज-III में कोया की 205 और रिथविक की 174 परियोजनाओं से 345 और 302 ग्राम पंचायतें आच्छादित हैं।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि अधिकांश ग्राम पंचायतों में कार्य योजना की निर्धारित समयावधि खत्म होने के लगभग एक वर्ष का समय बीत चुका है, लेकिन परियोजनाओं की प्रगति पर सवाल उठने लगे हैं। उनकी चिंता का मुख्य कारण यह था कि अधिकतर जगहों पर 40 प्रतिशत से भी कम कार्य हुआ है और जिम्मेदार अधिकारी इस पर आंखें मूंदे हुए हैं। जिलाधिकारी ने इस स्थिति को गंभीरता से लिया और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने तीनों कार्यदाई संस्थाओं से ट्यूबवेल, ओएचटी, पंप हाउस निर्माण सहित अन्य बिंदुओं पर हुई प्रगति की जानकारी ली और सभी संस्थाओं को निर्देशित किया कि वे अपनी परियोजनाओं को जल्द से जल्द पूर्ण करें। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी परियोजना में जलापूर्ति का काम शुरू नहीं हुआ तो जिम्मेदारी तय करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, हाइड्रो टेस्ट और ओएचटी टेस्ट की रिपोर्ट नियमित रूप से उनके और मुख्य विकास अधिकारी के सामने प्रस्तुत करने का आदेश दिया। इसके अतिरिक्त, क्षतिग्रस्त सड़कों के मरम्मत की स्थिति का सत्यापन संबंधित बीडीओ द्वारा रैंडमली करवाने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता विद्युत को निर्देश दिया कि जिन परियोजनाओं में धनराशि पहले ही भेजी जा चुकी है, उनमें विद्युत संयोजन माह के अंत तक सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने रिथविक और कोया की परियोजनाओं में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त की और कहा कि इन परियोजनाओं में विलंब के लिए एलडी चार्ज लगाए जाएं। इसके साथ ही, कोया से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत जल्दी सुनिश्चित करने को कहा गया।
अधिशासी अभियंता जल निगम को निर्देश दिया गया कि वे दोनों कार्यदायी संस्थाओं के कार्यों का साप्ताहिक और पाक्षिक समीक्षा बैठक करें, जिसकी अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी करेंगे।
जल जीवन मिशन को शासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक बताते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी परियोजना को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा नहीं किया गया तो पेनाल्टी सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अनुराज जैन, एक्सईएन जल निगम आतिफ हुसैन, सहायक अभियंता जल निगम महेश चंद्र आजाद सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने बैठक में जल जीवन मिशन के महत्व को रेखांकित करते हुए कार्यों की गति बढ़ाने का आदेश दिया, ताकि समय पर जलापूर्ति का लक्ष्य पूरा किया जा सके।

