भेड़िया में मनरेगा पार्क घोटाले की जांच शुरू, दोहरे भुगतान से प्रशासन में हड़कंप
- By UP Samachaar Plus --
- Friday 02 Jan, 2026
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निचलौल, (महाराजगंज)। निचलौल ब्लॉक की भेड़िया ग्राम पंचायत में मनरेगा पार्क निर्माण के दौरान एक ही कार्य के लिए दो अलग-अलग योजनाओं से भुगतान किए जाने का मामला सामने आया है। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने निष्पक्ष एवं तकनीकी जांच के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन किया है। प्रशासन की इस कार्रवाई को सार्वजनिक धन की सुरक्षा और पारदर्शिता की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार भेड़िया गांव में निर्मित मनरेगा पार्क पर करीब 32 लाख रुपये का खर्च दर्शाया गया है। इस परियोजना के लिए तीन अलग-अलग इस्टीमेट तैयार किए गए थे, जिनमें पार्क निर्माण, मिट्टी समतलीकरण तथा इंटरलॉकिंग कार्य शामिल हैं। अभिलेखों में मनरेगा योजना के तहत केवल मिट्टी समतलीकरण कार्य पर 5.28 लाख रुपये का भुगतान दर्शाया गया है।
आरोप है कि इसी मिट्टी समतलीकरण कार्य के लिए ग्राम पंचायत निधि से भी अलग से भुगतान किया गया। ग्राम निधि से मिट्टी गिराने के नाम पर 1.34 लाख रुपये तथा मजदूरी मद में लगभग 85 हजार रुपये का भुगतान दर्शाया गया है। इस प्रकार एक ही कार्य पर मनरेगा और ग्राम निधि—दोनों मदों से भुगतान होना नियमों का स्पष्ट उल्लंघन बताया जा रहा है।
इतना ही नहीं, कुछ भुगतानों के निजी खातों में किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं, जिससे वित्तीय अनियमितता की आशंका और गहरा गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं।
जांच समिति का गठन
जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित समिति में डीसी मनरेगा को अध्यक्ष तथा सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता को सदस्य नामित किया गया है। समिति को सभी इस्टीमेट, भुगतान विवरण, तकनीकी स्वीकृतियों की जांच के साथ मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने स्पष्ट कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों या अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और लापरवाही को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासन की यह कार्रवाई न केवल भेड़िया ग्राम पंचायत के लिए चेतावनी है, बल्कि पूरे जिले में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का सख्त संदेश भी है। अब सबकी नजरें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं।

