महराजगंज में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण पूरा, 84.87% मतदाताओं के फॉर्म डिजिटाइज्ड
- By UP Samachaar Plus --
- Tuesday 06 Jan, 2026
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महराजगंज। जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत एनुमरेशन फॉर्म भरने की समय-सीमा समाप्त हो गई है। मंगलवार को अनंतिम (ड्राफ्ट) मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद जिला प्रशासन ने प्रेसवार्ता कर पुनरीक्षण की स्थिति स्पष्ट की। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि मतदाता सूची से जुड़ा अधिकांश कार्य पूरा कर लिया गया है।
प्रशासन के अनुसार, जिले में कुल 19,92,459 मतदाता हैं। इनमें से 84.87 प्रतिशत यानी 16,90,962 मतदाताओं के फॉर्म डिजिटाइज्ड किए जा चुके हैं। शेष 15.13 प्रतिशत मतदाताओं को एएसडी (एब्सेंट, शिफ्टेड, डेड) श्रेणी में दर्ज किया गया है।
डिजिटाइज्ड मतदाताओं के मैपिंग आंकड़ों के अनुसार 73.91 प्रतिशत यानी 14,72,746 मतदाताओं की मैपिंग सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है। इनमें 36.78 प्रतिशत मतदाताओं ने वर्ष 2003 की मतदाता सूची से स्वयं या अपने माता-पिता का नाम खोजकर सेल्फ मैपिंग की, जबकि 37.13 प्रतिशत मतदाताओं की प्रोजनी मैपिंग कराई गई है। वहीं 10.93 प्रतिशत यानी 2,17,813 मतदाता ऐसे हैं, जिनकी मैपिंग अब तक नहीं हो सकी है।
इन नो-मैपिंग श्रेणी के मतदाताओं की पहचान और पात्रता सत्यापन के लिए संबंधित नोटिस जारी किए जाएंगे तथा उनके प्रपत्र एकत्र किए जाएंगे।
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2003 की मतदाता सूची की तुलना में 2.86 प्रतिशत यानी 57,073 मतदाता मृत पाए गए हैं। इसके अलावा 3.61 प्रतिशत (72,016) मतदाताओं का पता नहीं चल सका है, जबकि 6.52 प्रतिशत यानी 1,29,889 मतदाताओं ने अपना निवास स्थान बदल लिया है। इस प्रकार कुल 3,01,505 मतदाता यानी 15.13 प्रतिशत एएसडी श्रेणी में चिह्नित किए गए हैं।
प्रेसवार्ता में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची छह जनवरी को प्रकाशित कर दी गई है। इसके बाद एक माह तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी। सभी आपत्तियों के निस्तारण के उपरांत अंतिम मतदाता सूची फरवरी 2026 में प्रकाशित की जाएगी।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. प्रशांत कुमार ने स्पष्ट किया कि एसआईआर की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। एएसडी श्रेणी में शामिल 15.13 प्रतिशत मतदाताओं के नाम अनंतिम मतदाता सूची में अलग से एएसडी सूची के रूप में जारी किए गए हैं, ताकि आपत्ति अवधि के दौरान उन्हें पूरा अवसर मिल सके और पात्र पाए जाने पर उनका नाम पुनः मतदाता सूची में शामिल किया जा सके।

