
रेगुलेटर गिराकर मछली पकड़ने का खेल जारी, विवादों में उलझे अधिकारी
- By UP Samachaar Plus --
- Monday 09 Sep, 2024
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महराजगंज
महराजगंज। देवरिया ब्रांच की मधुबनी शाखा नहर पर बसे बसवार के पास एक खतरनाक खेल जारी है, जहां मछली शिकारियों ने सिचाई विभाग के अधिकारियों की कथित मिलीभगत से अवैध रूप से परसा माइनर और हरपुर माइनर पर लगे रेगुलेटर का इस्तेमाल कर मछली पकड़ने का धंधा शुरू कर रखा है। इस अवैध गतिविधि से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है, लेकिन स्थानीय अधिकारियों के बयान ने स्थिति को और भी पेचीदा बना दिया है।
ग्रामीणों ने बताया कि कुछ लोग रेगुलेटर को मनमाने ढंग से गिराकर नहर का पानी रोकते हैं और बड़े पैमाने पर मछलियों का शिकार करते हैं। जैसे ही मछलियां पकड़ ली जाती हैं, रेगुलेटर को फिर से उठाकर नहर के पानी को छोड़ दिया जाता है। इस अवैध गतिविधि से जहां शिकारियों की जेबें भर रही हैं, वहीं स्थानीय जनता में गुस्सा और आक्रोश बढ़ रहा है।
जब इस मामले पर जिलेदार ध्रुवनारायण पांडेय से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि "रेगुलेटर गिराकर मछली पकड़ना और उसे फिर से उठा देना अपराध की श्रेणी में नहीं आता है। यह मेरी मर्जी है।" यह बयान न केवल आश्चर्यजनक था, बल्कि स्थानीय लोगों की चिंताओं को और गहरा कर गया।
हालांकि, एसडीओ इमरान आलम, सिचाई प्रथम उपखंड सिसवा महराजगंज, ने जिलेदार के इस बयान का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि "रेगुलेटर का मनमाने ढंग से गिराना और उठाना, साथ ही बिना इजाजत मछली पकड़ना, दोनों ही गंभीर अपराध की श्रेणी में आते हैं। इस मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।"
इस विवाद ने सिचाई विभाग के अधिकारियों की भूमिका और उनके कथित समर्थन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यह पूरा खेल अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा है, जिससे न केवल सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग हो रहा है, बल्कि ग्रामीणों के अधिकारों का भी हनन हो रहा है।
इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है। स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है कि वे इस अवैध गतिविधि को रोकें और जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाएं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।