प्रसव के बाद महिला की मौत, परिजनों ने डॉक्टर पर लगाया लापरवाही का आरोप, मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस

मुख्य संपादक - ओंकार नाथ वर्मा 

UP Samachar Plus

गोरखपुर। पीपीगंज थाना क्षेत्र के जंगल कौड़िया चौकी अंतर्गत अगम्य हॉस्पिटल में प्रसव के बाद एक महिला की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद अस्पताल के बाहर हंगामा हुआ और पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी।

जानकारी के अनुसार, सहजनवा के गोहरा गांव निवासी सुमंत गिरी की पत्नी रेशमा देवी (25) का 13 फरवरी को अगम्य हॉस्पिटल में सर्जरी द्वारा प्रसव कराया गया, जिससे एक पुत्री का जन्म हुआ। ऑपरेशन के बाद रेशमा की तबीयत बिगड़ने लगी और रात 11 बजे उसकी मृत्यु हो गई। मृतका के मायके वाले रमवापुर, थाना पीपीगंज से पहुंचे और अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

अस्पताल में हंगामा, पुलिस ने संभाला मोर्चा

महिला की मौत के बाद परिजन शव को लेकर भोर में चार बजे अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर को बुलाने की कोशिश की, लेकिन डॉक्टर के न आने पर उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर जंगल कौड़िया चौकी से पुलिस बल और पीपीगंज थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। हालात को काबू में करने के लिए पीपीगंज, कैंपियरगंज और चिलुआताल थानों से 12 उप निरीक्षक और कई कांस्टेबलों को तैनात करना पड़ा।

मृतका की फ़ाइल फोटो 

परिजनों ने डॉक्टर पर लगाए गंभीर आरोप

मृतका के पति सुमंत गिरी ने थाना पीपीगंज में तहरीर देते हुए आरोप लगाया कि डॉक्टर प्रभात दीक्षित ने बिना उनकी अनुमति के ऑपरेशन कर दिया। ऑपरेशन के बाद अस्पताल में वेंटिलेटर और आईसीयू जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, जिसके कारण उनकी पत्नी की मौत हो गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि डॉक्टर अपनी प्राइवेट गाड़ी से मृतका को गोरखपुर के आनंदलोक अस्पताल ले गया और वहां छोड़कर फरार हो गया।

बेसमेंट में ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू-एनआईसीयू की कमी

स्थानीय लोगों ने बताया कि अगम्य हॉस्पिटल में ऑपरेशन थिएटर और भर्ती वार्ड बेसमेंट में संचालित किए जा रहे हैं, जो स्वास्थ्य मानकों का उल्लंघन है। अस्पताल में आईसीयू और वेंटिलेटर की सुविधा भी नहीं है। इससे पहले भी 9 दिसंबर 2024 को इसी अस्पताल में सर्जरी के दौरान आईसीयू और एनआईसीयू की कमी के चलते एक नवजात की मौत हो गई थी, जिसके बाद परिजनों ने सड़क पर हंगामा किया था।

अस्पताल को सील करने के आदेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए गोरखपुर की क्षेत्रीय आयुर्वेदिक-यूनानी अधिकारी डॉ. मीनू सोनी ने कहा, "अस्पताल में बार-बार लापरवाही की शिकायतें मिल रही हैं। बेसमेंट में ऑपरेशन थिएटर और वार्ड चलाना नियमों का उल्लंघन है। इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अस्पताल को सील किया जाएगा।"

पुलिस ने शव को भेजा पोस्टमार्टम के लिए

पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल

इस घटना ने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और अस्पतालों में मूलभूत सुविधाओं की कमी को उजागर किया है। लोगों में आक्रोश है और उन्होंने दोषी डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।


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