इंडो नेपाल सीमा पर सक्रिय ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश, 5700 इंजेक्शन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
- By UP Samachaar Plus --
- Friday 10 Apr, 2026
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महराजगंज। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत महराजगंज पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। थाना पुरन्दरपुर पुलिस, एसओजी टीम की संयुक्त कार्रवाई में शुक्रवार सुबह रानीपुर चौराहे से दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए। जब्त इंजेक्शनों की कुल संख्या 5700 है, जिनकी बाजार कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन अशोक मुथा जैन और पुलिस उप महानिरीक्षक गोरखपुर रेंज एस. चनप्पा के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। पुलिस अधीक्षक महराजगंज शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ व क्षेत्राधिकारी फरेंदा अनुरुद्ध कुमार के पर्यवेक्षण में टीम ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर कार संख्या यूपी 53 एफएन 8304 को रोका।
कार की तलाशी लेने पर उसमें सवार राजेन्द्र धरिकार उर्फ इलू (32) निवासी जुगौली, थाना सोनौली और आदित्य कुमार मिश्र (30) निवासी कम्हरिया बुजुर्ग, थाना कोल्हुई बाजार को हिरासत में लिया गया। तलाशी के दौरान वाहन की डिक्की से 1900-1900 एम्पुल डाईजेपाम, बुप्रेनोर्फिन (टाल्जेसिक) और प्रोमेथाजीन हाइड्रोक्लोराइड के इंजेक्शन बरामद हुए। इसके अलावा दो मोबाइल फोन, एक एटीएम कार्ड और 9 हजार रुपये नकद भी मिले।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पिछले छह महीनों से गोरखपुर से इंजेक्शन लाकर नेपाल में ऊंचे दामों पर बेचते थे। पुलिस के अनुसार, यह संगठित तस्करी गिरोह का हिस्सा है, जिसमें अन्य सदस्यों की भी संलिप्तता सामने आई है। एक अन्य आरोपी की पहचान हो चुकी है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित कर दी गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बरामद दवाएं सामान्य रूप से दर्द निवारण, एंजायटी और एलर्जी के इलाज में प्रयोग की जाती हैं, लेकिन अवैध रूप से इनका मिश्रण कर “कॉकटेल ड्रग” के रूप में सेवन किया जाता है। यह प्रवृत्ति खासकर युवाओं में तेजी से बढ़ रही है, जिससे बेहोशी, लत और ओवरडोज जैसे गंभीर खतरे उत्पन्न हो रहे हैं।
इस मामले में थाना पुरन्दरपुर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21/23 के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक की जांच कर रही है, ताकि पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके।

