8 माह से मानदेय लटका, ग्राम रोजगार सेवकों का फूटा गुस्सा
- By UP Samachaar Plus --
- Wednesday 11 Mar, 2026
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डीएम को ज्ञापन देकर दी चेतावनी, जल्द भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन
महराजगंज। जिले के ग्राम रोजगार सेवकों का आठ माह से मानदेय न मिलने पर गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। आर्थिक तंगी से जूझ रहे रोजगार सेवकों ने बुधवार को जिलाधिकारी के माध्यम से प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास विभाग, उत्तर प्रदेश शासन को ज्ञापन भेजकर तत्काल बकाया मानदेय भुगतान की मांग उठाई। साथ ही चेतावनी दी कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ, जनपद इकाई महराजगंज के जिलाध्यक्ष ब्रह्मानंद के नेतृत्व में पहुंचे रोजगार सेवकों ने कहा कि अगस्त 2025 से अब तक मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। इसके बावजूद उनसे मनरेगा के अलावा एसआईआर 2025-26, बीएलओ कार्य, फार्मर रजिस्ट्रेशन, एग्री स्टैक सर्वे सहित कई सरकारी योजनाओं का काम लगातार कराया जा रहा है।
रोजगार सेवकों का कहना है कि बिना मानदेय के महीनों तक काम कराने से उनकी आर्थिक स्थिति बदहाल हो गई है। कई कर्मियों के सामने परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। त्योहारों पर भी घरों में खुशियां नहीं आ पा रही हैं और कई लोगों को कर्ज लेकर गुजारा करना पड़ रहा है।
संघ पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन उनसे लगातार जिम्मेदारियां तो ले रहा है, लेकिन समय पर मानदेय नहीं दिया जा रहा, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द भुगतान नहीं हुआ तो रोजगार सेवक मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
ज्ञापन के माध्यम से रोजगार सेवकों ने चार प्रमुख मांगें रखीं। इसमें आठ माह का बकाया मानदेय तत्काल भुगतान, महंगाई और कार्यभार को देखते हुए मानदेय बढ़ाकर 35 हजार रुपये प्रतिमाह करने, समय से भुगतान सुनिश्चित करने के लिए अलग बजट की व्यवस्था करने और वरिष्ठता के आधार पर राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग शामिल है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान धर्मेंद्र पासवान, राजेश, रामकेश्वर रैना, बाबूराम, धनराज, विनोद कुमार वर्मा, सर्वेश मद्धेशिया, सुशील कुमार, मनोज कुमार गौतम, जोखन, विशाल गुप्ता, मोहनलाल, ओमप्रकाश आर्य, रामआशिष, शैलेश कुमार, मुराली, चंद्रिका, अंबिका, प्रवीण मणि त्रिपाठी, अनिल यादव समेत सैकड़ों की संख्या में ग्राम रोजगार सेवक मौजूद रहे।

