आधी रात को एसपी के निरीक्षण में खुली पुलिसिंग व्यवस्था की पोल, तीन कर्मियों के जांच के आदेश के साथ दरोगा सस्पेंड
- By UP Samachaar Plus --
- Monday 13 Apr, 2026
- 206
महराजगंज। जनपद में पुलिसिंग व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने रविवार देर रात थाना कोतवाली फरेन्दा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान थाना परिसर में व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने आई, जिसमें कई स्तरों पर लापरवाही उजागर हुई।
पुलिस अधीक्षक ने सबसे पहले थाना कार्यालय के अभिलेखों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान अभिलेखों के रख-रखाव, उनके अद्यतन में कमी तथा कार्य प्रणाली में शिथिलता पाई गई। साथ ही साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। साइबर हेल्प डेस्क और महिला हेल्प डेस्क की कार्यप्रणाली की समीक्षा के दौरान भी कई खामियां सामने आईं, जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई।
निरीक्षण में पाई गई गंभीर लापरवाही को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने उपनिरीक्षक बीरबल चौहान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षक फरेन्दा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक एवं ड्यूटी मुंशी की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए हैं। जिसके बाद पूरे पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
पुलिस अधीक्षक ने थाना स्तर पर लंबित प्रार्थना पत्रों एवं विवेचनाधीन मामलों की समीक्षा की। उन्होंने पाया कि कई मामलों का निस्तारण अपेक्षित गति से नहीं किया गया है। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए सभी लंबित प्रकरणों का शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अभिलेखों को पूर्णता के साथ नियमित रूप से अद्यतन रखा जाए तथा प्रत्येक शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर दर्ज कर उसका निष्पक्ष एवं पारदर्शी समाधान किया जाए। साथ ही अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस कर्मियों को अधिक सतर्क और सक्रिय रहने को कहा।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि थाना स्तर पर पुलिसिंग की गुणवत्ता ही जनता के विश्वास का आधार होती है। यदि थाने पर आने वाले फरियादियों को समयबद्ध और न्यायपूर्ण समाधान मिलेगा, तो पुलिस के प्रति जनता का भरोसा स्वतः मजबूत होगा। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ करने की नसीहत दी।
इस कार्रवाई से स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि जनपद में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और पुलिस व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए ऐसे औचक निरीक्षण आगे भी किए जाते

