इलाज के नाम पर लाखों खर्च, फिर भी वैशाखी के सहारे जिंदगी जीने को मजबूर! सीएमओ ने दिया जांच के आदेश

महराजगंज। नगर के चिउरहा स्थित एक चर्चित हॉस्पिटल सवालों के घेरे में आ गया है। इलाज में कथित लापरवाही और भारी भरकम रकम वसूलने के आरोपों के बाद अब मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने पूरे मामले की जांच बैठा दी है। निचलौल तहसील क्षेत्र के ग्राम मेड़िया निवासी सुधाकर गौड़ ने डीएम और सीएमओ को शिकायती पत्र देकर अस्पताल और संबंधित डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

पीड़ित का आरोप है कि दाहिने पैर के इलाज में ढाई से तीन लाख रुपये खर्च करने के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। उल्टा अब पैर में लगातार सूजन, असहनीय दर्द और चलने-फिरने में दिक्कत बनी हुई है। हालात ऐसे हैं कि उसे वैशाखी के सहारे जिंदगी गुजारनी पड़ रही है। पीड़ित ने मामले की शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर भी दर्ज कराई थी, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवनाथ प्रसाद ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी है। टीम में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एवं प्राइवेट हॉस्पिटल नोडल अधिकारी डॉ. वीरेन्द्र आर्या, जिला संयुक्त चिकित्सालय के आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. विकास कुमार और निश्चेतक डॉ. आशुतोष कुमार को शामिल किया गया है। टीम को निर्देश दिया गया है कि तीन दिन के भीतर पूरे प्रकरण की जांच कर स्पष्ट रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

सीएमओ डॉ नवनाथ प्रसाद ने मामले की जानकारी देते हुए बताया मामला नगर के चिउरहा स्थित संजीवनी हॉस्पिटल का है जिसकी शिकायत पर तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी गई है और तीन दिन के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में आखिर क्या सच सामने आता है और क्या स्वास्थ्य विभाग संबंधित हॉस्पिटल पर कोई बड़ी कार्रवाई करता है या मामला फाइलों में ही दबकर रह जाएगा।


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