हरदी में मनरेगा का फर्जी खेल, 157 मजदूरों की हाजिरी दर्ज, मौके पर मिले गिने-चुने श्रमिक
- By UP Samachaar Plus --
- Monday 08 Jun, 2026
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महराजगंज। जनपद के मिठौरा विकास खंड के हरदी गांव में मनरेगा कार्यों में अनियमितता और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। गांव में बड़ी पोखरी के जीर्णोद्धार तथा सेमरहना माइनर से जनार्दन के खेत से होते हुए हरदी सिवान तक चकबंद निर्माण कार्य में बड़ी संख्या में मजदूरों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज किए जाने के बावजूद मौके पर श्रमिकों की संख्या काफी कम मिलने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
8 जून की प्राप्त जानकारी के अनुसार बड़ी पोखरी के जीर्णोद्धार कार्य में प्रतिदिन 100 मजदूरों तथा सेमरहना माइनर से हरदी सिवान तक चकबंद कार्य में 57 मजदूरों के काम करने का दावा किया गया है। हालांकि जमीनी हकीकत इससे अलग दिखाई दे रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जिस चकबंद कार्य पर 57 मजदूरों की मजदूरी दर्शाई गई है, वहां पिछले तीन दिनों से कोई कार्य नहीं कराया जा रहा है। मौके पर एक भी मजदूर कार्य करता नहीं मिला। मामले की पोल उस किसान ने भी खोल दी, जिसके खेत से मिट्टी काटकर कार्य शुरू कराया गया था। किसान का कहना है कि कई दिनों से कार्य बंद पड़ा है, जबकि कागजों में मजदूरों की संख्या दर्शाई जा रही है।
वहीं, 8 जून को जब यूपी समाचार प्लस की टीम बड़ी पोखरी पर पहुंची तो वहां भी स्थिति सवाल खड़े करने वाली मिली। पोखरी पर कुछ मजदूर कार्य करते दिखाई दिए, लेकिन उनकी संख्या करीब 20 से 25 के बीच थी। जबकि विभागीय अभिलेखों और ऑनलाइन हाजिरी में 100 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज होने की बात सामने आई है।
फेस डिटेक्शन व्यवस्था पर भी उठे सवाल
मनरेगा में फर्जीवाड़े पर रोक लगाने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा फेस डिटेक्शन आधारित उपस्थिति प्रणाली लागू की गई है। इसके बावजूद हरदी गांव में मजदूरों की वास्तविक संख्या और ऑनलाइन दर्ज उपस्थिति में भारी अंतर दिखाई देने से सिस्टम की निगरानी व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लग रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक तथा ब्लॉक स्तर के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से सरकारी धन के दुरुपयोग का खेल चल रहा है।
गोलमोल जवाब देकर टालते रहे प्रधान
मामले में जब ग्राम प्रधान से पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने के बजाय गोलमोल बातें कर मामले को टालने की कोशिश की। वहीं मिठौरा के सहायक कार्यक्रम अधिकारी ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। शिकायत और तथ्यों की जांच कराई जाएगी तथा अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जांच के बाद खुल सकता है बड़ा खेल
हरदी गांव में मनरेगा कार्यों को लेकर सामने आए इस मामले ने विकास कार्यों की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यूपी समाचार प्लस के4 खुलासे के बाद यदि जांच में मजदूरों की फर्जी हाजिरी और भुगतान की पुष्टि होती है तो मनरेगा के नाम पर सरकारी धन के बड़े बंदरबांट का खुलासा हो सकता है। प्रशासनिक अधिकारियों की जांच रिपोर्ट पर अब सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।


