
बेसिक शिक्षा अधिकारी के आदेश का नहीं हुआ असर,भगवान भरोसे चल रहा लेदवा प्राथमिक विद्यालय, महीनों में कभी कभार आता है स्टाफ ग्रामीणों में भारी आक्रोश
- By UP Samachaar Plus --
- Saturday 29 Mar, 2025
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मुख्य संपादक- ओंकार नाथ वर्मा
UP Samachar Plus
महराजगंज। विकास खंड मिठौरा के ग्राम सभा लेदवा में स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। विद्यालय में ना तो नियमित रूप से शिक्षक आते हैं और ना ही बच्चे, जिससे पढ़ाई पूरी तरह ठप हो गई है। सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर है।
गांव के प्राथमिक विद्यालय का रियलिटी चेक करने पर चौंकाने वाले खुलासे हुए। ग्रामीणों ने बताया कि प्रधानाध्यापक संजय सिंह, सहायक अध्यापक जयप्रकाश राय और शिक्षामित्र विनोद कनौजिया महीनों में कभी - कभार विद्यालय आते हैं और केवल रजिस्टर में हाजिरी भरकर चले जाते हैं। जब शिक्षक ही विद्यालय नहीं आते, तो बच्चे भी स्कूल नहीं जाते।
मिड-डे मील योजना में भी गड़बड़ी
विद्यालय में मध्यान्ह भोजन योजना की भी बुरी स्थिति है। जांच के दौरान स्कूल में केवल तीन बच्चे मौजूद थे, जिन्होंने बताया कि उन्हें मिड-डे मील नहीं दिया जाता। जब रसोइया से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि विद्यालय में कोई नियमित रूप से नहीं आता, जिससे भोजन बनाना भी संभव नहीं हो पाता। ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि मिड-डे मील का पैसा आखिर कहां जा रहा है?
ग्राम प्रधान पर भ्रष्टाचार के आरोप
ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्रधान की उदासीनता के कारण विद्यालय में भ्रष्टाचार फल-फूल रहा है। इस संबंध में कई बार उच्च अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इस मामले में जब बेसिक शिक्षा अधिकारी रिद्धि पांडेय से दूरभाष पर संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस स्थिति की जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया दिया कि गर्मी की छुट्टियों के बाद विद्यालय खुलने पर मामले की समीक्षा की जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
लेदवा प्राथमिक विद्यालय की यह स्थिति शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सरकार की योजनाएं कागजों तक सीमित रह गई हैं, जबकि बच्चों का भविष्य अंधकार में है। क्या शिक्षा विभाग इस लापरवाही पर कार्रवाई करेगा या फिर यह विद्यालय भगवान भरोसे ही चलता रहेगा?
बेसिक शिक्षा अधिकारी के आदेश की उड़ रही धज्जियां
कुछ दिन पहले ही बेसिक शिक्षा अधिकारी रिद्धि पांडेय ने एक सख्त आदेश जारी किया था कि सभी विद्यालय समय से खुलने चाहिए, छात्र निर्धारित यूनिफॉर्म में विद्यालय आएं, और मिड-डे मील गुणवत्ता के मानकों के अनुसार बच्चों को दिया जाए। साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया था कि यदि इन आदेशों की अवहेलना होती है तो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लेकिन लेदवा प्राथमिक विद्यालय में उनके आदेशों का कोई असर नहीं दिखा। जब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देशों का ही पालन नहीं हो रहा है, तो शिक्षा व्यवस्था का भगवान भरोसे चलना कोई आश्चर्य की बात नहीं है। यह स्थिति न केवल सरकारी आदेशों की अवहेलना को दर्शाती है बल्कि शिक्षा तंत्र की गंभीर लापरवाही को भी उजागर करती है।