दिल्ली के कश्मीरी गेट बस स्टैंड से सकुशल बरामद हुआ दो माह का मासूम, अमावस्या पर बलि देने की थी साजिश

महराजगंज पुलिस ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर किया अपहरण कांड का खुलासा, दो महिलाओं समेत तीन गिरफ्तार

महराजगंज। ठूठीबारी कोतवाली क्षेत्र के राजाबारी गांव से दो माह के मासूम के अपहरण की सनसनीखेज घटना का महराजगंज पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने करीब 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने और सर्विलांस की मदद से महराजगंज से दिल्ली तक आरोपियों का पीछा किया। आखिरकार नई दिल्ली के कश्मीरी गेट बस स्टैंड से अपहृत मासूम विक्की को सकुशल बरामद कर लिया गया। इस मामले में पुलिस ने दो महिलाओं समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि मासूम की अमावस्या के दिन बलि देने की योजना बनाई गई थी।

पुलिस के अनुसार, ठूठीबारी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम राजाबारी के टोला रमजीता निवासी गोविंद ने 3 नवंबर को पुलिस को सूचना दी थी कि रात करीब दो से चार बजे के बीच वह अपनी पत्नी और दो माह के बेटे विक्की के साथ घर में सो रहा था। इसी दौरान अज्ञात व्यक्ति घर में घुसकर बच्चे को उठा ले गया। मासूम के अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुकदमा दर्ज कर पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देश पर ठूठीबारी पुलिस, एसओजी, स्वाट और डॉग ट्रैकर स्क्वायड की संयुक्त टीमें गठित की गईं।

सीसीटीवी फुटेज से मिला पहला सुराग

जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसमें रात करीब 3:57 बजे राजाबारी पुल के पास एक संदिग्ध महिला हाथ में बच्चा लेकर निचलौल रोड की तरफ जाती दिखाई दी। पुलिस ने आगे के रास्तों पर लगे कैमरों की फुटेज का क्रमवार विश्लेषण किया तो महिला ठूठीबारी बस स्टैंड तक जाती नजर आई। पूछताछ में एक बस चालक ने बताया कि महिला सुबह करीब पांच बजे बस से शिकारपुर मोड़ पर उतरी थी और घुघली की तरफ गई थी।

इसके बाद पुलिस ने स्थानीय स्तर पर पूछताछ और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। संदिग्ध महिला की पहचान घुघली थाना क्षेत्र के ग्राम कफवा निवासी सावित्री के रूप में हुई। पुलिस जब उसके घर पहुंची तो वह वहां नहीं मिली। फोन पर भी संतोषजनक जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस ने सर्विलांस की मदद से उसकी लोकेशन ट्रेस करनी शुरू कर दी।

महराजगंज से दिल्ली तक पहुंची पुलिस टीम

तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस के आधार पर पुलिस टीम लगातार आरोपियों की लोकेशन का पीछा करते हुए दिल्ली पहुंच गई। नई दिल्ली के कश्मीरी गेट बस स्टैंड पर सावित्री अपने साथी करण कुमार गौतम के साथ एक शिशु के साथ मिली। बच्चे के बारे में पूछताछ करने पर दोनों कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद पुलिस ने बच्चे की तस्वीर उसके पिता को व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी। पिता ने तस्वीर देखकर अपने बेटे विक्की के रूप में उसकी पहचान कर ली। पुलिस ने तत्काल मासूम को सकुशल बरामद कर आरोपियों को हिरासत में ले लिया। आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण के बाद बच्चे को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

अंधविश्वास में मासूम की बलि देने की थी योजना

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में अपहरण के पीछे बेहद चौंकाने वाली वजह सामने आई। आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि दो माह के मासूम को अमावस्या के दिन बलि देने की योजना बनाई गई थी। अगले एक-दो दिनों में ही इस वारदात को अंजाम देने की तैयारी थी। आरोपियों का अंधविश्वास था कि मासूम की बलि देने से सरस्वती का कई वर्षों से लापता पति और पुत्र वापस लौट आएंगे तथा परिवार में पूर्व में हुई अकाल मृत्यु की घटनाएं भी बंद हो जाएंगी।

पुलिस के अनुसार, नेपाल के बैरियहवा में रहने वाले एक कथित झाड़-फूंक करने वाले व्यक्ति ने उन्हें ऐसा करने की सलाह दी थी। इसी अंधविश्वास के चलते सावित्री और सरस्वती ने मासूम के अपहरण की योजना बनाई, जिसमें सावित्री का दूसरा पति करण कुमार गौतम भी शामिल था।

दो महिलाओं समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में सावित्री पत्नी स्वर्गीय उमेश राजभर, सरस्वती पत्नी सदरी (55) और करण कुमार गौतम (22) को गिरफ्तार किया है। सावित्री और सरस्वती महराजगंज जिले के घुघली थाना क्षेत्र के ग्राम कफवा की निवासी हैं, जबकि करण कुमार गौतम देवरिया जनपद का रहने वाला है।

इस मामले में थाना ठूठीबारी पर मु0अ0सं0 149/2026 के तहत बीएनएस की धारा 137(2), 140(4), 331(5), 61(2) तथा किशोर न्याय अधिनियम की धारा 80 में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई कर रही है।

पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार

मासूम की सकुशल बरामदगी में ठूठीबारी पुलिस, एसओजी, स्वाट, सर्विलांस टीम और डॉग ट्रैकर स्क्वायड की अहम भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने सफल कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। महज चार दिनों के भीतर महराजगंज से दिल्ली तक सुरागों का पीछा कर मासूम को सुरक्षित बरामद करने वाली पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है।

रिपोर्ट: ओंकार नाथ वर्मा | महराजगंज


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